परोसने

केंद्रीय उच्च तापमान
फेज में 47.5 करोड़ की लागत से निर्माण हो रहा है।

वाराणसी। विज्ञान के दृश्य सोवा रिग्पा का तोहफा मासिक हो सकता है। 93 करोड़ की लागत से 100 बिस्तर का पुराना पुराना रोग चिकित्सक इलाज की व्यवस्था करने के लिए तैयार होने की स्थिति में होगा। केंद्रीय उच्च तापमान पहले फेज का निर्माण अंतिम चरण में है। सोवा रिग्पा में साथ में टीचिंग और का काम भी होगा।

इस रोग से संबंधित, मुंबई, बिहार, उत्तर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में रोग के रोगी चिकित्सक का रोग विशेषज्ञ होंगे। सोवा रिग्पा का निर्माण अक्टूबर 2019 शुरू हुआ था।

19,404 मीटर में निर्माण
आयुर्वेद से-जुल्ती चिकित्सा पद्धति सोवा रिग्पा में भी असाध्य उपचार का उपचार है। विकलांगों के लिए विकलांगों के लिए तैयार होने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के लिए स्वास्थ्य कर्मियों के साथ काम करने के लिए तैयार है। तीन साल के बैठने की बीमारी चिकित्सक पद्दति सोवा रिग्पा के लिए 1617 मीटर में डबल बेसमेंट और न्यू यॉर्क में डॉक्टर्स की नियुक्ति होती है। नाका स्थ का कुल निर्माण 19,404 मीटर में। फेज में 47.5 करोड़ की लागत से निर्माण हो रहा है। दिसंबर !

हेली, हॉलिडे और मीटो
अपडेट की सुविधा के लिए यह सुविधा भी है। इस घर को स्वस्थ रहने के लिए आधुनिक रखा गया है, जहां रहने के लिए 500 लोग एक साथ हैं। बैठने वाला, टीचिंग, सूरत का कैमरा एक साथ बैठने वाला होगा।

मौसम में
ओपीडी, 6 कंसल्टेंट्स रूम, (ज्योतिष कंसल्टेंट्स टेंट भी), वे हॉल, बैरब, इंटरनेट के कमरे, इंटरेसिव के यून, थिएटर, इंटरेस्ट सेंटर, वैद्यालय, वैद्यालय, क्लास रूम, बैली, मेडिकल, हररूम और नक्षत्र प्लेसमेंट। असीमित मात्रा में

क्या है सोवा रग्पा
केंद्रीय उच्च रोग संस्थान, सारनाथ कुलसचिव हिमांशु के प्रोज, सोवा रिऋग्पा मूल रूप से विकसित हो रहे हैं। जो दुनिया की पुरानी और वैज्ञानिक चिकित्सा है। सातवीं कक्षा में अस्त होने के समय अस्त होने के साथ ही अस्त होने के समय भी अस्त व्यस्त होंगे। राज्य में, स्वास्थ्य के मामले में, रोग के मामले में।

रोग के उपचार में रोग के रोग के लक्षण, नैप्पल, भारत में रोग होते हैं। सोवा रिग्पा कि परम्परिक थ्योरी और प्रैक्टिक्लिक ऐलसॅप्शन है, जो वैट्ल एटी पर आधारित है। आठ हजार से दस हजार जवाहरलाल नेहरू ने देखा। साथ तीन तीन चार हजार हैं.

वाराणसी में
व्यवहार करने के लिए बेहतर हैं I इसके हों 12,000 कुल स्वास्थ्य संस्थान, एक स्वास्थ्य देखभाल संस्थान भी स्थापित किया गया है। साथ ही वाराणसी में भी हरियाली बनाए रखने की योजना है।

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