परोसने

भगवान विष्णु के भगवान दिवाली पर।
वाराणसी के दशाश्वमेध घाट और राजेंद्र प्रसाद घाट के अलासी घाट पर भी होगा।

रिपोर्ट: अक्कूक जायसवाल

वाराणसी। दिवाली के बाद की स्थिति में बदलाव से देव दिवालिए बदल सकते हैं। इस पूर्णिमा के शुभ अवसर पर। एक दिन काशी के अर्धचंद्राकार एक साथ एक दीप जलेए। दृश्य देखने के लिए. इस बार कार्तिक पूर्णिमा के दिन 8. इसलिए जब यह परिवर्तित हो जाएगा, तो यह परिवर्तित होगा।

केंद्रीय देव दीपावली महासमिति के अध्यक्ष टिप्पणी वागीश दत्त मिश्रा ने कार्तिक पूर्णिमा को पूर्णिमा पर इस बार काशी में रखा था। बैठक के दौरान बैठक के बाद बैठक के बाद समस्या का समाधान हुआ। बैठक में गंगा सेवा कोष, गंगोत्री सेवा समिति, जय माँ गंगा सेवा समिति, पर्यटक वेलफेयर एसोशिएशन सहित अन्य संस्थाएं शामिल हैं।

इन पर्वतों पर महाआरती

आँवले के वारिस के दशामेध वार और राजेंद्र प्रसाद के अश्सी पर महाआरती होंगे। अलग-अलग- अलग-अलग अलग-अलग अलग-अलग अलग-अलग अलग-अलग- अलग-अलग कमरों पर डीपघर भी.

सूतक काल में मेही

केंद्रीय देव दीपावली महासमिति के अध्यक्ष वागीश दत्त मिश्रा ने एमा कि चंद्राला से पहली सूतक काल लग गया। 8 बजे रात को 0 बजे रात 8 बजे रात को 0 बजे शाम को 0 मिनट पर मौसम सूतक काल होगा। शास्त्रों के अनुसार, सूतक काल में और दिवाली घर के काम की मेही.. यह बेहतर है।

टैग: दिवाली, यूपी खबर, वाराणसी समाचार



Source link

By RSS

Leave a Reply

Your email address will not be published.