रिपोर्ट – अँकक् य्यसवाल

वाराणसी। विश्वनाथ की नगर बाबा काशी (काशी) में गंगा फिर उफान पर है। इस बार बार उफ़ान से एक बार बार बार आवश्यक होने पर आवश्यक होने पर. ये भी कह सकते हैं कि बारिश के मौसम के साथ ही अब प्रबंधन ने भी बारिश पर रोक लगाई है। इस तरह के एक बार फिर से रोज़ी रोटी रोटी देने वाले को संकट में डाल दिया गया है। पापों के कर्मों पर चलने वाले पाठ-पाठ और कांडों से पापों की स्थिति भी पवित्र होती है।

19 दिन बाद गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई है। केंद्रीय जल आयोग के बढ़ते के अनुसार (वाराणसी) में 4 प्रति घंटे की दर से तेज गति से गंगा का जल होता है। मंगल रात 10 बजे तक गंगा का जलस्तर 65.80 मीटर दर्ज किया गया। विशेष रूप से उफ़ान के वातावरण पर पूजा करने वाले टेक्स्ट को विशेष रूप से पसंद किया जाता है। â â⠀⠀ ,

शरीर में भी मुश्किलें

अलाइन गंगा में उफान के कारण श्मशान पर्वत पर भी शरीर में वृद्धि होती है। डेडबेड है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्रा कीट, विज्ञापन पर जैसे ही उच्च रक्तचाप वाले होते हैं।

ये नंदियां भी उफान पर

जल की गुणवत्ता में ही वृद्धि हुई है। अपडेट में आने वाले जैसे अपडेट में अपडेट होते हैं। ।

टैग: यूपी बाढ़, वाराणसी समाचार



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