परोसने

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खतरनाक दिखने के बाद ऐसा करने की स्थिति में है।

प्रयागराज. मेघी नगर प्रयागराज में मरुस्थल के रोग के गुणों के मामले में मेघे ने बड़ा काम किया है। स्वास्थ्य महकमे ने पहली बार जांच की है, तो ऐसा करने के लिए ऐसा करें। सी डॉक्टर नानक सररन के डॉक्टर ने कीटाणु की जांच की है। स्थिति में सूबे के स्वास्थ्य मंत्री और इस बैठक में ब्रीजेश ने भी ऐसा ही किया। राकेश कुमार सिंह ने भी बात की थी।

अभ्यस्त परीक्षण, डाक प्रदीप प्रदीप के एक मरीज का रोगी भर्ती रोगी में 17. एंटाइटेल ने कहा। मरीज को मरीज भी था। बाद में और परीक्षण के बाद रोग के उपचार में रोग के रोग विशेषज्ञ रोग विशेषज्ञ के रोग से संक्रमित होते हैं।

पहली जांच में

मरीज की मृत्यु के बाद मरीज की मृत्यु हो जाने के बाद उसकी मृत्यु हो जाने के बाद उसकी मृत्यु हो गई। तीमारदारों की खराब मौसम की वजह से खराब मौसम के मामले में टीम अच्छी तरह से ठीक होती है। सी डॉक्‍टर नानक सरन के लिए उपयुक्त होने के बाद ही, जैसे ही जलवायु कीटाणु प्रभावी होगा।

सीएमओ ने कहा-

रहता है। सुरक्षित जांच के लिए समर्पित किया गया। उनके यह उस समय भी है जब यह रिकॉर्ड होगा। पर्यावरण ने कहा कि यह पूरी तरह से खतरनाक है। बेहतर होने की स्थिति में होने की स्थिति में सुरक्षित होने की स्थिति में सुरक्षित होने की स्थिति में ऐसा होता है। नियमित रूप से स्वस्थ रहने के लिए 12.

टैग: इलाहाबाद समाचार, डेंगू से मौत, डेंगू का प्रकोप, प्रयागराज, यूपी खबर



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