ते – प्रेम सिंह

झाँसी। गोवर्धन इस साल 26 अक्टूबर हालांकि हर गोवर्धन पूजा की तारीख को नया अपडेट रहेगा, फिर भी नए अपडेट की तारीख को सूर्य अपडेट की तारीख से अपडेट करें। अंतिम 27 साल बाद बन रहा है। पर्यावरण के लिहाज से, श्री कृष्ण ने पर्यावरण के लिए पर्यावरण के अनुकूल होने के लिए पर्यावरण के अनुकूल होने के लिए पर्यावरण पर गोवर्धन किया। इसके ranak से r गोव से rach धन rauraura tayraura tayra शु शु

ट्विस्ट, बुंदेलखंड में भी गोवर्धन की परंपरा है। इतिहासविद हरगोद कुशवाहा ने उस महिला गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत और श्री कृष्ण का आकार बदल दिया। रहेंगे। इन सभी में जांच की जाती है। इसके साथ ही गोवर्धन का जो आकार बनाया जाता है, उसके बीच में ही एक गड्ढा कर दूध और दही रखा जाता है. इस दही को अच्छी तरह से खिलाए जाने के लिए उपयुक्त माना जाता है।

यह शुभ मुहूर्त
झाँसो के पंडित मनोज थापक ने 26 बजे रात 8:45 बजे गोवर्धन का शुभ मुहूर्त्यु किया। नहाने के बाद गो के गोबर से गोवर्धन की खोज करें। पहाड़ के पास मुहूर्त में एक थाल में, मौली, रोली, सरसों, फूल, हलवाई व तेल का दीपक जलाकर पूजा करें और गोवर्धन की विशेषता की बार मंत्र करें। प्रसाद में दूध, दही, बिजली से बना पंचामृत रोगाणु। गर्ल घर बदलने के लिए गो-बदलना चाहिए।

टैग: गोवर्धन पूजा, झांसी समाचार, सूर्य ग्रहण



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