त-अभिषेक जायसवाल

वाराणसी। सात त्योहारों के त्योहारों के शहर में 27 साल की छुट्टी दीपावली (Dipawali) के लिए जरूरी नहीं है कि भोजन के लिए आवश्यक हो। ओं के नाथ बाबा विश्वनाथ के दरबार में आज (बुधवार) 56 प्रकार के दैत्य का भोग लगा। इसके मंगला आरती के बाद खराब होने के बाद बाबा का दरबार खुल गया। विश्वनाथ के दरबार के माँ अन्नपूर्णा को 121 क्विंटल भोग भी लगाया गया।

काशी विश्वनाथ कार्य के मुख्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने कि इस बार 21 मन्दिवा के पंक्ति में 6 क्विंटल लडडू भी बने थे। इस बार फिर से पसंद किया गया I विश्व मंदिर के प्रधानाचार्य अचंवच्यनारायण चौबे ने दैहिक दैत्याकार की गुरु कृष्ण ने गुरु कृष्ण के घूंघट को अस्त होते थे।

समग्रता में सुधार
काशी विश्वनाथ के अन्नपूर्णा सहित शहर के सभी बड़े आकार में ये उत्सव बड़े धूमधाम से शुरू होते हैं। श्री काशी अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर ने इस बार अन्नपूर्णा मंदिर में 121 क्विंटल के साथ भोजन किया। अलग-अलग तरह के अलग-अलग प्रकार के खाने के व्यंजन, दाल, चावल में 56 तरह के व्यंजन शामिल हैं।

टैग: काशी विश्वनाथ धाम, वाराणसी समाचार



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